विदेश

पाकिस्तान में एक और हिंदू लड़की अगवा

अल्पसंख्यकों के साथ कैसे व्यव्हार किया जाए इसपर कुछ महीनों पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत को सीख देने की कोशिश की थी। हाल ही में पाकिस्तान में हिन्दू समाज की 2 लड़कियों के जबरन अपहरण कर उनका निकाह 2 अधेड़ उम्र के लोगों कर दी गई थी ऐसी खबर कुछ दिनों पहले सुर्खियों में थी। अब मामले में नई खबर सामने आ रही हैं। इस्लमाबाद हाई कोर्ट की बेहद सर्मनाक हरकत सामने आयी है । इस्लमाबाद हाई कोर्ट में दोनों नाबालिग लड़कियों से दबाव बनाकर यह कहलवाया गया कि इन दोनों ने यह निकाह अपनी मर्जी की है और अपनी मर्जी से ही इस्लाम कबूला है जबकि सच यह है कि दोनों बालिकाओं को घर से अगवा कर उनका जबरन निकाह कराया गया और जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया। पाकिस्तान हाई कोर्ट ने इस मामले में दोनों बालिकाओं के पतियो को पुलिस की सुरक्षा भी दे दी है।
इन दोनों नाबालिग लड़कियों के पिता को जब यह जबरन निकाह करवाने और इस्लाम कबूल करवाए जाने की खबर लगी तो उन्होंने पुलिस थाने के सामने चीख चीख कर गुहार लगाई कि मुझे गोली मर दो लेकिन उनका यह गुहार भी किसी के कानों तक नहीं पहुंच सही और इंसाफ मिलना तो दूर मुश्किल समय में उनका साथ देने तक कोई आया। मानवाधिकरों की दुहाई देने वाले पाकिस्तन यह हाल है हिन्दुओं का।
जैसे ही इन बालिकाओं से दबाव बनाकर हाई कोर्ट में जज के सामने यह कहलवाया गया कि इन्होंने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल किया है उसके कुछ देर बाद एक और हिन्दू लड़की को उसके घर से अगवा कर लिया गया है। इस लड़की का नाम सोनिया बताया जा रहा है इसका भी अपहरण इसका मुस्लिम युवक से शादी करा कर धर्मांतरण के लिए ही किया गया है हालाकि इस लड़की की निकाह कि बात अभी सामने नहीं आ पाई है।
लड़कियो पर दबाव बनाकर यह कहलवाया गया कि इन्होंने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल किया है यह ट्विटर पर एक मोहतरमा जीना बलोच के वीडियो ट्वीट से साफ हो जाता है जिसमें इन दोनों लड़कियो ने कहा है कि जिन लोगो ने उनका अपहरण किया है वो उसके घरवालों से मारपीट करते थे, उन्हें धमकियां देते थे। इस मामले में सुषमा स्वराज ने भी बहुत सारी ट्वीट्स के पाकिस्तान की किरकिरी की है । सुषमा स्वराज ने अपने ट्वीट यह कहा कि लड़कियो की उम्र रीना की 13 साल और रवीना की उम्र 15 साल है और दोनों नाबालिक है जबकि इस्लामाबाद हाई कोर्ट में इन दोनों की उम्र 18 और 20 साल बताने कि कोशिश की गई है। इमरान खान से पूछा कि क्या इस उम्र की लड़कियां धर्म परिवर्तन का और शादी फैसला ले सकती है ? लड़कियो के परिवारों और लड़कियो के लिए न्याय मांगते हुए उनको अपने परिवार के पास वापस भेजने की मांग की है। गौरतलब है इस मामले को भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर कर पाकिस्तान को पूरी तरह नंगा कर रहा है। यह खबर एक पाकिस्तानी पत्रकार ने ट्वीट किया है और कहा है लड़की का अपहरण भी ठीक उसी तरह किया गया है जैसे उन दो लड़कियो का किया गया था। कुछ दिनों पहले एक पाकिस्तानी अखबार ने छापा था कि किस तरह से पाकिस्तान के स्कूलों में दूसरे धर्म के प्रति नफरत घोली जाती है साथ ही साथ उस अखबार ने यह भी लिखा था कि कैसे पाकिस्तान में हिंदू और ईसाई धर्म की 13,14 साल की लड़कियो को अगवा कर उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता है।
यह लड़कियां पाकिस्तान के सिंध प्रांत के घोटकी की रहने वाली है । इस मामले में पाकिस्तान ने निकाह कराने वाले मौलवी को गिरफ्तार भी किया गया है। सिंध प्रांत में तकरीबन 1.6 प्रतिशत हिंदू आबादी है जो करीब 36 लाख की आबादी है। इस 36 लाख हिन्दुओं में से एक रिपोर्ट के मुताबिक 90 फीसदी हिंदू देश छोड़कर जा चुके है। पूरे पाकिस्तन कुल 36 लाख की हिंदू आबादी है। पूरे सिंध प्रांत में हर महीने एक रिपोर्ट मुताबिक करीब 25 शादियां जबरन कराई जाती है जिनमे ज्यादा लड़कियां हिंदू धर्म से होती है। पाकिस्तान हर साल करीब 5 हजार हिंदू हर साल पाकिस्तान को हमेशा के लिए छोड़ कर जा रहे है।

वही शांति के नाम पर पाखंड रच कर नोबेल शांति पुरस्कार पाने वाली मलाला जो की कश्मीर में मानवाधिकार का झूठा राग इंग्लैंड में बैठकर अलापती है और अपने आप को एक्टिविस्ट कहने वाली मलाला से जब एक ट्वीटर यूजर ने इसके बारे में पूछा और के इसके बारे में तम्हारा क्या स्टैंड है तो उसने इस ट्वीटर यूजर को ब्लॉक कर दिया ।

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