चुनाव 2019

कांग्रेस का हाथ देशद्रोहियों के साथ

देश को अपनी जागीर समझने वाली राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस को सत्ता से 4 साल क्या रही देशद्रोह पर आईं । इन दिनों देश में हर तरफ लोकसभा चुनावों की तैयारियों ने जोर पकड़ा हुआ है। कुछ महीनों पहले देशद्रहियों में शामिल जेएनयू के छात्र कन्हैया कुमार को भी इस लोकसभा चुनाव में सीट मिल गई है। वहीं 2014 चुनाव के बाद हर देशद्रोही का साथ देने वाली मुख्य पार्टियों में से एक कांग्रेस ने हाल ही में लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी किया है जो पूरी तरह से देशद्रोहियो का साथ देने वाला और उन्हीं को समर्पित है। कुल 50 पन्नों की इस घोषणा पत्र में कुछ मुख्य देशद्रोही बाते कही गई है। पिछले कई विधानसभा चनावों में भी कांग्रेस की प्रतिक्रिया यहीं रही है। मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विरोध कर सरकार बनाने वाली कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सुरक्षा वापस लिया है और बीजेपी सरकार को रोजगार के नाम पर घेरने वाले राहुल गांधी की पार्टी रोजगार के नाम पर गाय चराने और बैंड बजाने प्रशिक्षण दे रही है।
कांग्रेस के घोषणा पत्र की शुरुआत में ही खुद का भाषण भी गूगल कर के लिखने वाले राहुल गांधी का नाम है और इसमें प्रधानमंत्री मोदी के रेडियो कार्यक्रम मन की बात का मजाक बनाते हुए लिखा गया है अध्यक्ष की कलम से ये हेडिंग दी गई है और लिखा गया है ये सिर्फ एक व्यक्ति के में की बात नहीं है यह लाखो करोड़ों लोगों के मन की बात है। इसका मतलब यह निकलता है कि कांग्रेस देश के लाखो करोड़ों लोगों को देशद्रोही मानती है। आगे इस घोषणा पत्र में लिखा गया है कि प्रधानमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के शब्दों ने अपना विश्वास खो दिया है उन्होंने आडंबर से परिपूर्ण,खोखले वायदे, असफल कार्यक्रम, झूठे आंकड़े और भय तथा नफरत का माहौल बनाया है। अगर इन शब्दों की बात करे तो आडंबर से परिपूर्ण यानी एक राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस को चुनाव के वक़्त मंदिरों की परिक्रमा करने लगती है बाकी समय में मुस्लिम तुष्टकरण करती है वह आज आडंबर की बात कर रही है । मुस्लिम तुषटिकरण का एक उदाहरण हाल ही में हुए तेलंगाना चुनाव में देखने को भी मिला था जिसमें हर एक सुविधा सिर्फ मुस्लिम समाज को देने वायदा कांग्रेस के घोषणा पत्र में देखने को मिला था।
घोषणा पत्र की आखिर में यह लिखा है कि कांग्रेस की प्रतिबद्धता है जो वादा करती है उसे हम पूरा करते हैं। अगर कांग्रेस की घोषणा पत्र पर लिखी इस आखिरी लाइन की माने तो कांग्रेस ने कर्ज माफी के नाम पर हाल ही ने तीन राज्यो में अपनी सरकार बनाई है लेकिन किसानों को कर्जमाफी का प्रतिशत भी नहीं मिला बल्कि कांग्रेस ने कर्ज माफी के नाम पर करोड़ों। का घोटाला जरूर कर लिया है ।
इस घोषणा पत्र के पेज 35 पर लिखा गया है”भारतीय दण्ड संहिता की धारा 124A जो देशद्रोह को अपराध मानती है उसका दुरुपयोग हुआ है और बाद में नए कानून बन जाने से इसका महत्व समाप्त कर दिया गया है इसलिए कांग्रेस अगर सत्ता में आती है तो इस कानून को समाप्त कर दिया जाएगा।” इस धारा के समाप्त होने से देशद्रोह और भी आसान हो जाएगा। जेएनयू में हुए देशद्रोह में शामिल लोगों का राहुल गांधी ने जमकर समर्थन किया था। इस देशद्रोह में शामिल लोगों पर धारा 124A के तहत ही कार्यवाही की गई थी।
कांग्रेस की घोषणा पत्र में यह वादा भी किया गया है कि जम्मू कश्मीर में धारा 370 नहीं हटने दिया जाएगा। यह वादा घोषणा पत्र के पेज 41 पर किया गया है इसमें लिखा गया है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हम राज्य के अनुपम इतिहास और उन अद्वितीय परिस्थितियों का भी सम्मान करते हैं जिनके तहत राज्य ने भारत में विलय को स्वीकार किया था और जिसकी वजह से भारत के संविधान में अनुच्छेद 370 को शामिल किया गया, इस संविधानिक स्थिति को बदलने की ना तो अनुमति दी जाएगी ना ही ऐसा कोई प्रयास किया जाएगा। एक तरफ कांग्रेस का कहना है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और दूसरी तरफ तरफ अलगाववादी मानसिकता को बढ़ावा देने वाली धारा 370 को कायम रखने की बात करती है। साथ ही कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर में लागू किए गए आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पॉवर एक्ट की भी समीक्षा करने का भी वादा किया है। घोषणा पत्र के पेज 41 पर यह लिखा गया है कि जम्मू कश्मीर में लागू इस एक्ट की समीक्षा की जाएगी। कांग्रेस अनुच्छेद 370 की समीक्षा करने को तैयार नहीं है लेकिन आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पॉवर एक्ट की समीक्षा जरूर करेगी। आगे लिखा है सुरक्षा की जरूरतों और मानाधिकारों के संरक्षण में संतुलन के लिए कानूनी प्रावधानो में बदलाव किए जाएंगे। आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल एक्ट तब लगाया जाता है जब देश के किसी भाग में अशांति होती है और देश की अखंडता खतरे में पड़ जाती है।
कांग्रेस ने घोषणा पत्र के पेज 41 पर ही यह घोषणा भी की है कि कांग्रेस जम्मू कश्मीर के लोगों से बिना शर्त बात करने को तैयार है और इसके लिए वह नागरिकों के बीच से चुने गए तीन वार्ताकारों की नियुक्ति करेगी।
आश्चर्यजनक तथ्य यह है इस घोषणा पत्र में की मुस्लिम तुष्टिकरण करने वाली राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस ने एक पूरा अध्याय लिखा है लेकिन वहा के मूलनिवासी कश्मीरी पंडितों के बारे में इस घोषणा पत्र में एक शब्द भी नहीं है।
कांग्रेस ने अपने इस घोषणा पत्र में मीडिया को भी नियंत्रित करने की पूरी तैयारी की है ताकि देशद्रोहियों को कोई रोक ना सके। घोषणा पत्र में लिखा गया है कि हम प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ मिलकर अखबारों और मीडिया के लिए एक आदर्श आचार संहिता विकसित करेंगे यानी अब यह कांग्रेस तय करेगी कि मीडिया में क्या प्रकाशित होगा या फिर क्या दिखाया जाएगा। घोषणा पत्र में ही यह भी लिखा गया है कि “हाल के दिनों में मीडिया के कुछ हिस्से ने अभ्वयक्ती की आजादी का दुरुपयोग किया है या आत्मसमर्पण कर दिया है, कांग्रेस प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया एक्ट 1978 में उल्लेखित स्वनियमन की प्रणाली को मजबूत करने, पत्रकारों की स्वतंत्रता की रक्षा करने,संपादकीय स्वतंत्रता को बनाए रखने और सरकारी हस्तक्षेप के खिलाफ रक्षा करने का वादा करती हैं।
घोषणा पत्र के पेज 35 पर लिखा है भारतीय अपराधिय संहिता की धारा 499 को हटाकर मानहानि को एक दीवानिय अपराध बनाया जाएगा। कांग्रेस के घोषणा पत्र के पेज 17 पर किसानों के बारे में लिखा गया है जिसमें किसानों के लिए अलग से एक किसान बजट पेश करने की पेशकश की गई है। साथ ही साथ यह भी लिखा गया है कि किसानों द्वारा कर्ज ना चुकाने को अब सिविल मामला माना जाएगा ना की अपराधिक मामला। इस से किसानों को कर्ज लेकर उसे चुकाने की कोई जरूरत नहीं होगी। कांग्रेस ने घोषणा पत्र के पेज 20 पर अपने 70 सालो से चलते आ रहे नारे का भी जिक्र किया है और कहा है भारत से 2030 तक गरीबी ख़तम कर देंगे।

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