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कोलकाता पुलिस सीबीआई ने 8 घंटो तक पूछताछ की

आज शारदा चिटफंड कांड का आरोपी कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद सीबीआई के शिलोंग दफ्तर में पूछताछ के लिए पेश हुआ, जहा उस से इस घोटाले के बारे में 8 घंटो तक पूछताछ की गयी है।राजीव कुमार पर शारदा घोटाले के सबूतों को नष्ट करने का आरोप है। काल दुबारा उसे पूछताछ के लिए पेश होना है । उसके साथ टीएमसी नेता कुणाल घोष से भी पूछताछ किया जाना है।

राजीव कुमार शिलोंग के हेरिटेज होटल में ठहरा हुआ है । पूछताछ के लिए सुबह 11 बजे पहुँचा ओर पूछताछ पूरी हुई तकरीबन 7:15 बजे।

कोलकाता पुलिस कमिश्नर अपने सलाहकार बिस्वजीत देब, सीनियर आईपीएस अफसर जावेद शमीम और मुरलीधर शर्मा आज तड़के 11 बजे सीबीआई के शिलोंग दफ्तर पहुचे। राजीव कुमार के सलाहकार और आईपीएस अधिकारियों को आधे घंटे के अन्दर वापस भेज दिया गया ।

राजीव कुमार से कड़ी सुरक्षा के बीच पूछताछ की जाएगी , पूछताछ करने के लिए दिल्ली से सीबीआई के अधिकारी शुक्रवार को ही पहुच गए थे। इस बीच सीबीआई ऑफिस के आस पास सुरक्षा के कड़े प्रतिबंध किये गए है।

राजीव कुमार को 22 पेज की प्रश्नावली दी गयी है जिसे तीन भागो में रखा गया है जिसके अंदर के 2 भाग के सवाल पूछे जा चुके है तीसरे भाग के सवाल शाम तक पूछे जाने की संभावना है।


सूत्रों के मुताबिक राजीव कुमार के लीगल एडवाइजर ने पूछताछ के दौरान अपने मौजूदगी के लिए अनुरोध किया है । राजीव कुमार के वकील ने यह भी अनुरोध किया है कि सरस्वती पूजा आने वाली है और 12 फरवरी से बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही है जिसकी वजह से राजीव कुमार जेड समय तक शिलोंग में नही राह सकते है जिसका सीबीआई की तरफ से फिलहाल कोई जवाब नही आया है।

राजीव कुमार के खिलाफ कुछ मुख्य आरोप

  1. 1.राज्य की तरफ से सीबीआई को वो सभी लैपटॉप और फ़ोन नही दिए गैर जो सुदीप्ता सेन और देबजानी की गिरफ्तारी के वक़्त सीज किये गए थे। इन सबूतों को फोरेंसिक जांच के लिए भी नहीं भेजा गया।
  2. सीबीआई का यह भी आरोप है कि देबजानी और सुदीप्ता सेन की कॉल डिटेल के साथ भी छेड़ छड़ की गई है जो राजीव कुमार ने किया है। ओरिजनल कॉल डिटेल कुछ और थी जबकि दिखाया कुछ और गया । राज्य की एजेंसियों के द्वारा कॉल रिकॉर्ड भी सीबीआई को हैंड ओवर नही किया गया था । जिसके सम्बन्ध में 164 पेज के डॉक्यूमेंट मौजूद हैं।
  3. 50 से ज्यादा महत्वपूर्ण फोन कॉल्स के साथ छेड़छाड़ की गई जो मुख्य आरोपियों की कॉल्स के रिकॉर्ड थे और सुदीप्ता की गिरफ्तारी से पहले की कॉल्स थी। वास्तविक कॉल रिकॉर्ड कुछ और थी जिसके सम्बन्ध में लिखित सबूत भी है।
  4. कुमार घोष और अर्नब घोष ने राजीव कुमार को गिरफ्तारी के पहले और बाद में 14 स्टेटमैंट दिए थे । जिन्हें सीबीआई ने राज्य से हैंड ओवर करने के लिए बार बार बोला जिसके बावजूद सबूत सीबीआई को नही सौपे गए जिस से आरोपियों को बचाया जा सके।
  5. रोजाना की लेन देन की रिकॉर्ड जिन पेन ड्राइव्स में सेव था गिरफ्तारी के समय उन्हें भी स्टेट पुलिस के द्वारा सीज किया गया था लेकिन उनमे से ज्यादातर के बारे में सीज रिपोर्ट में जानकारी नही दी गयी थी। सुदीप्ता की पेरर्सनल डायरी में आरोपियों के साथ किया गया कैश लेन देन की जानकारी भी मौजूद नही है।
  6. गवाहों पर स्टेट पुलिस के द्वारा पूछताछ के दौरान अपने बयान बदलने के लिए दबाव बनाया गया था ।
  7. राजीव कुमार को इन सवालों के जवाब के लिए 3 बार समन भेजा गया जबकि उसने सिर्फ 1 बार की जवाब दिया जबकि सीबीआई ने डीजी को भी राजीव कुमार को पूछताछ के लिए भेजने के लिए पत्र लिखा जिसे अनदेखा किया गया जो यह दशार्ता है कि सीबीआई की पूछताछ में भागीदारी नही की गयी।
  8. राजीव कुमार ने सरकारी ऐजेंसी का दुरुपयोग किया है जब वह ऑफिसियल काम से बैंक के लॉकर को सीज करने गया था।
  9. केवल शारदा ही नही बल्कि और भी चिटफंड घोटालो में एक ही तरह की लापरवाही बरती गई है।


सीबीआई ऑफिस की सुरक्षा बढ़ाई गई।

सीबीआई अधिकारियों का एक दल पूछताछ करने के लिए शुक्रवार की रात को दिल्ली से शिलोंग आया है। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में आरोप लगाया है कि कुमार जो शारदा घोटाले में एसआईटी का नेतृत्व कर रहे थे उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के साथ छेड़छाड़ की है और सीबीआई को डाक्टर्ड सबूत दिए है ।

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दिए गए एफिडेविट में यह कहा गया है कि राजीव कुमार ने सबूतों को नष्ट किया और मुख्य आरोपी की कॉल रिकार्ड्स के साथ छेड़छाड़ की जबकि कुमार ने इस से सीधे सीधे इनकार कर दिया है । सीबीआई का कहना है कि एजेंसी के पास इसे साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत है ।

सीबीआई के गठित की 10 सदस्यीय टीम

सीबीआई ने पूछताछ के लिए 10 सदस्यीय टीम का गठन किया है जो इस मामले में पूछताछ करेगी। शुक्रवार सुबह को 10 सदस्यों की टीम कोलकाता पहुच गयी जिसमे लखनऊ, भोपाल और नई दिल्ली से आये हुए अधिकारी शामिल है । केस के बारे में टीम को आते ही पूरे मामले की जानकारी दी गयी। पूछताछ के नेतृत्व ईस्टर्न रीजन के जॉइन्ट डिरेक्टर पंकज श्रीवास्तव कर रहे है ।

पूरा विवाद

सीबीआई के द्वारा कई बार समन भेजने के बावजूद जब कुमार पूछताछ के लिए पेश नही हुए तो सीबीआई अधिकारी उनके लंदन स्ट्रीट घर गए 3 फरवरी को जहा पर कोलकाता पुलिस ने सीबीआई के अधिकारियों के साथ हाथापाई की उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया और कुछ देर उन्हें थाने में रखा भी गया ।

सीबीआई के विरोध मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मेट्रो स्टेशन पर धरना दिया जो कि तीन दिनों तक चला । 5 फरवरी को उसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसे अपना धरना समाप्त करना पड़ा जिसमे कहा गया कि राजीव कुमार को पूछताछ के लिए पेश होना पड़ेगा । जिसे ममता ने अपनी मोरल विक्ट्री बताया।

सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को कहा कि उसे सीबीआई के समक्ष पूछताछ के लिए पेश होना चाहिए और पूछताछ में सीबीआई का साथ देना चाहिए।

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